फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसकी स्क्रीनप्ले है। कहानी धीरे-धीरे आगे बढ़ती है और हर कुछ मिनट में नया मोड़ दर्शकों की उत्सुकता बनाए रखता है। निर्देशक ने अनावश्यक मसाला डालने के बजाय कहानी को यथार्थवादी अंदाज़ में पेश करने की कोशिश की है।
सुमंत का अभिनय प्रभावशाली है। उन्होंने अपने किरदार को गंभीरता और संतुलन के साथ निभाया है। सहायक कलाकार भी अपनी भूमिकाओं में जंचते हैं और पूरी फिल्म में कोई किरदार कमजोर नहीं लगता।
तकनीकी पक्ष की बात करें तो बैकग्राउंड म्यूज़िक सस्पेंस को और प्रभावी बनाता है, जबकि सिनेमैटोग्राफी कहानी के माहौल को मजबूत करती है। फिल्म का क्लाइमैक्स इसकी सबसे बड़ी यूएसपी है, जिसे शुरुआती दर्शकों ने भी काफी सराहा है।
हालांकि, पहले हाफ में फिल्म की रफ्तार कुछ दर्शकों को थोड़ी धीमी लग सकती है, लेकिन इंटरवल के बाद कहानी तेज़ी से आगे बढ़ती है और अंत तक बांधे रखती है।
फैसला
अगर आपको मर्डर मिस्ट्री, सस्पेंस और ट्विस्ट से भरपूर क्राइम-थ्रिलर पसंद हैं, तो 'Newton's 3rd Law' इस वीकेंड देखने लायक फिल्म है। यह बिना शोर-शराबे के अपनी कहानी और दमदार क्लाइमैक्स के दम पर प्रभाव छोड़ती है।
अंतिम रेटिंग: ⭐⭐⭐⭐☆ (4/5)